लाहौरपाकिस्तान के पूर्व पेसर ने दावा किया है कि उन्होंने 1999 में हुए कारगिल युद्ध में हिस्सा लेने के लिए इंग्लिश काउंटी नॉटिंघमशायर से मिले 175,000 पाउंड के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। कारगिल युद्ध 16 हजार फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया था जिसमें 1,042 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे और 527 भारतीय जवान शहीद हुए थे। अख्तर ने पाकिस्तान के समाचार चैनल एआरवाई न्यूज को दिए गए इंटरव्यू में कहा, ‘लोग शायद ही इस कहानी को जानते हों। मेरे पास नॉटिंघम का 175,000 पाउंड के कांट्रैक्ट का प्रस्ताव था। फिर 2002 में मेरे पास एक और बड़ा अनुबंध था। जब कारगिल हुआ तो मैंने दोनों प्रस्ताव ठुकरा दिए थे।’ पढ़ें, उन्होंने आगे कहा, ‘मैं लाहौर की बाहरी सीमा पर था। एक जनरल ने मुझसे पूछा कि मैं यहां क्या कर रहा हूं। मैंने कहा कि युद्ध शुरू होने वाला है और हम लोग एक साथ मरेंगे। मैंने काउंटी क्रिकेट को दो बार छोड़ा और काउंटी इससे हैरान थीं। मैं इससे चिंतित नहीं था। मैंने कश्मीर में अपने दोस्तों को फोन किया और कहा कि मैं लड़ाई के लिए तैयार हूं।’ अख्तर ने बार-बार कहा है कि खेल और राजनीति को अलग-अलग रखना चाहिए। उन्होंने कई बार कहा है कि दोनों देशों के बीच मैदान पर बेशक कड़ी टक्कर होती हो लेकिन मैदान के बाहर खिलाड़ी अच्छे दोस्त बनकर रहते हैं। करियर में 46 टेस्ट, 163 वनडे और 15 टी20 इंटरनैशनल मैच खेलने वाले अख्तर ने घातक कोरोना वायरस के मुश्किल समय में भारत और पाकिस्तान के बीच सीरीज की भी बात कही थी। उनके पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने अख्तर का समर्थन किया था तो भारत के विश्व विजेता कप्तान कपिल देव ने कहा था कि यह तो विकल्प ही नहीं है।
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