अहमदाबाद (Sunil Gavaskar) टेस्ट क्रिकेट के सबसे महान सलामी बल्लेबाजों में शामिल हैं। वह पहले शख्स थे जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार का आंकड़ा पार किया। भारत के इस महान खिलाड़ी ने अपने टेस्ट करियर का आगाज 1971 के वेस्टइंडीज दौरे से किया और अपने पहले ही दौरे में उन्होंने 774 रेकॉर्ड रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 34 शतक हैं। गावस्कर की बल्लेबाजी पर तो सभी को नाज था लेकिन उन्हें 'तेज' गेंदबाजी को लेकर काफी खुश होते थे। गावस्कर ने इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के तीसरे मैच के पहले दिन कॉमेंट्री के दौरान उन्होंने अपनी बोलिंग से जुड़ा एक यादगार किस्सा सुनाया। हर्षा भोगले ने जब गावस्कर की बोलिंग का जिक्र किया तो उन्होंने अपनी पहली ही सीरीज के दौरान रोहन कन्हाई के साथ जुड़ी एक बात साझा की। गावस्कर ने कहा, 'यह पहली टेस्ट सीरीज की बात है। यह टेस्ट क्रिकेट में मेरा पहला ओवर था। रोहन कन्हाई ने मेरी तीसरी या चौथी गेंद पर स्क्वेअर कट किया। मैंने अगली गेंद वैसी फेंकी जैसी एक तेज गेंदबाज स्वाभाविक रूप से फेंकता है। बाउंसर। रोहन कन्हाई थोड़े हैरान हुए और झुक गए। इसके बाद वह ऊपर हुए और जोर-जोर से हंसने लगे। वह मुझसे कहीं तेज गेंदबाजों को खेलते आए थे।' गावस्कर ने इससे पहले भी एक इंटरव्यू में बताया था कि वह रोहन कन्हाई से बहुत ज्यादा प्रभावित थे। इस बात का सबसे बड़ा सबूत यह है कि सुनील गावसकर ने अपने बेटे का नाम रोहन कन्हाई के नाम पर रखा है। उनके बेटे का नाम रोहन गावसकर है।
from Sports News in Hindi: Latest Hindi News on Cricket, Football, Tennis, Hockey & more | Navbharat Times https://ift.tt/3uqM9pT
No comments:
Post a Comment