सिडनीपूर्व अंपायर डेरिल हार्पर ने कहा है कि निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) से अंपायर्स कॉल को हटा देना चाहिए, क्योंकि यह अपनी शुरुआत से ही खिलाड़ियों और प्रशंसकों की लिहाज से विफल रहा है। इससे पहले सचिन तेंडुलकर आईसीसी से इस पर विचार करने को कहा था, जबकि और सुनील गावसकर ने तो अंपायर्स कॉल की खूब आलोचना की थी। हार्पर ने सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड से बात करते हुए कहा, ‘मैंने काफी अंपायर्स कॉल देखे हैं। इसे बैन कर देते हैं। इस विवाद से पीछा छुड़ाते हैं। गेंद का किसी भी तरह से स्टम्प्स से संपर्क गिल्लियों को उड़ा देगा, 48 प्रतिशत, 49 प्रतिशत नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘सच्चाई यह है कि 12 साल से यह है और लोग अभी तक इसे अच्छे से समझे नहीं हैं, खिलाड़ी भी इसे लेकर परेशान रहते हैं। यह बताता है कि कुछ कमियां हैं या तो बताने में या समझने में।’ उन्होंने कहा, ‘आईसीसी की तरफ से कुछ काम किया जाना चाहिए।’ डीआरएस तब अंपायर्स कॉल के साथ जाता है जब वह अपने फैसले को लेकर साफ नहीं रहता कि बल्लेबाज आउट है या नहीं। महान बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंडुलकर ने आईसीसी से इसे दोबारा देखने के बारे में कहा था।
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