नई दिल्लीइंडियन प्रीमियर लीग () के चीनी प्रायोजकों को लेकर अब विरोध बढ़ता जा रहा है। आरएसएस-संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने सोमवार को कहा कि लोगों को टी-20 क्रिकेट लीग का बहिष्कार करने पर विचार करना चाहिए। 'सैनिकों का अपमान है ये'स्वदेशी जागरण मंच ने कहा कि टी-20 क्रिकेट मैचों का आयोजन करने वाली संस्था इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) द्वारा एक चीनी मोबाइल कंपनी को प्रायोजक बनाने का फैसला चकित करने वाला है। अपने इस निर्णय से आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने चीन के जघन्य कृत्य द्वारा शहीद हुए सैनिकों के प्रति अपना अपमान प्रकट किया है। चीन का विरोध होना चाहिए- स्वदेशी जागरण मंचउन्होंने कहा,' इस समय, जब देश हमारी अर्थव्यवस्था को बाजारों में चीनी प्रभुत्व से मुक्त बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है, सरकार चीनी सामान को हमारे बाजारों से बाहर रखने के लिए सभी प्रयास कर रही हैं, चीनी निवेश को बाहर रखने और चीनी कंपनियों को को बाहर रखने की कोशिश की जा रही है। आईपीएल का यह कृत्य न केवल देश की मनोदशा के प्रतिकूल है, बल्कि यह देश की सुरक्षा और आर्थिक चिंताओं का भी अनादर करता है। स्पॉन्सर बदलों वरना...उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हम आईपीएल आयोजकों से निवेदन करते हैं कि वे चीनी कंपनी को अपने प्रायोजकों के रूप में अनुमति देने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करें, यदि ऐसा नहीं किया जाता तो कि हमें मजबूरन देशभक्त नागरिकों को करने के लिए आह्वान करना होगा। याद रखें राष्ट्र की सुरक्षा और गरिमा से ऊपर कुछ भी नहीं है। सोशल मीडिया पर भड़के लोगइंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आगामी एडिशन में भी चीनी मोबाइल कंपनी से स्पॉन्सरशिप करार बरकरार रहेगा। यह फैसला की संचालन परिषद ने रविवार को लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने विरोध जताया। इतना ही नहीं, बड़ी संख्या में लोगों ने चीनी सामान का बहिष्कार करने की बात भी कही थी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इसके बाद करार की समीक्षा का वादा किया था लेकिन आईपीएल में भी इस कंपनी को बरकरार रखने का फैसला किया गया है।
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