नई दिल्लीकेंद्रीय खेल मंत्री ने सरकार के महत्वाकांक्षी ‘टारगेट पोडियम जूनियर स्कीम’ का हवाला देते हुए शनिवार को कहा कि भारत 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक की पदक तालिका में टॉप-10 में जगह बनाने में सफल रहेगा। रिजिजू ने कहा, ‘हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’ खेल मंत्री ने कहा कि ‘टारगेट ओलिंपिक पोडियम जूनियर स्कीम’ में 10 -12 साल की उम्र के बच्चों के प्रतिभा को विकसित किया जा रहा है जिससे उन्हें लॉस एंजिलिस खेलों के लिए तैयार किया जा सके। वह ‘इंडिया टुडे माइंडरॉक्स’ कार्यक्रम के दौरान आने वाले वर्षों में भारत के उद्देश्यों और लक्ष्यों के बारे में बता रहे थे। पढ़ें, उन्होंने कहा कि भारतीय कोचों की ओर से एलीट ऐथलीटों को प्रशिक्षण देने पर वेतन की ऊपरी सीमा दो लाख रुपये को हटाने की घोषणा की गई है जिससे वे प्रोत्साहित हो सकें। उन्होंने बताया कि कई विदेशी कोचों के अनुबंध को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा, ‘हमारा लक्ष्य 2028 ओलिंपिक तक देश को पदक तालिका में शीर्ष 10 में जगह दिलाना है। मैं इसे लेकर स्पष्ट हूं। हमने उसके लिए योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘हम देश को खेलों का महाशक्ति बनने के हर भारतीय के सपने को पूरा करने पर काम कर रहे हैं।’ खेल मंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली युवाओं को विश्व चैंपियन बनाने के लिए विश्व स्तरीय कोचिंग सुविधा प्रदान की जा रही हैं। रिजिजू ने कहा, ‘हमारा उद्देश्य बहुत स्पष्ट हैं, हमने ‘टारगेट ओलिंपिक पोडियम जूनियर स्कीम’ बनाई है। इसका मतलब है कि हम 10-13 वर्ष की आयु के बच्चों को 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक तक विश्व चैंपियन बनने के लिए तैयार होंगे।’ केंद्रीय खेल मंत्री कहा, ‘इस योजना को शुरू करके हम युवा प्रतिभाओं की पहचान कर रहे हैं। यह कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान करने और विश्व स्तर के कोचों की निगरानी में उनके प्रशिक्षण की पूरी जिम्मेदारी लेने की प्रक्रिया में है।’
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