ढाकाबांग्लादेश के प्रतिबंधित ऑलराउंडर शाकिब अल हसन का मानना है कि क्रिकेट दोबारा शुरू करने को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के दिशानिर्देशों में कई सवालों का जवाब नहीं दिया गया है। कोरोना वायरस के कारण निलंबन के बाद क्रिकेट दोबारा शुरू करने से पहले कुछ मुद्दों पर चर्चा करने की जरूरत है। कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई पाबंदियों में सदस्य देश ढील दे रहे हैं। ऐसे में आईसीसी ने शुक्रवार को समग्र दिशानिर्देश जारी किए, जिससे कि दुनिया भर में खेल को दोबारा शुरू किया जा सके और साथ ही शीर्ष स्तर के सुरक्षा उपाय भी किए जा सकें। इन कदमों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति, मैच से पूर्व 14 दिन का पृथक ट्रेनिंग शिविर और गेंद का इस्तेमाल करते हुए अंपायरों द्वारा ग्लव्स का इस्तेमाल शामिल है। भ्रष्ट संपर्क की जानकारी देने में नाकाम रहने के कारण एक साल के प्रतिबंध का सामना कर रहे शाकिब के ने कहा, ‘अब हम सुन रहे हैं कि यह (कोरोना वायरस) शायद 12 फीट की दूरी से भी फैल सकता है, सिर्फ तीन या छह फीट नहीं। इसका मतलब हुए कि ओवर के अंत में बल्लेबाज एक दूसरे के पास नहीं आ पाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘क्या उन्हें अपने अपने छोर पर खड़े रहना होगा? स्टेडियम में क्या कोई दर्शक नहीं होगा? विकेटकीपर क्या दूर खड़ा होगा? करीबी क्षेत्ररक्षकों का क्या होगा? इन चीजों पर चर्चा किए जाने की जरूरत है।’ आईसीसी ने गेंदबाजों के लिए मैच प्रारूप के आधार पर ट्रेनिंग के समय का सुझाव दिया है जिसे उन्हें न्यूनतम पांच से छह हफ्ते की ट्रेनिंग का मौका मिलेगा। इसमें अंतिम तीन हफ्ते में मैच की स्थिति के अनुरूप ट्रेनिंग होगी जिससे कि टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनकी वापसी सुनिश्चित हो सके। शाकिब ने हालांकि कहा कि आईसीसी के स्थिति का उचित आकलन किए बगैर क्रिकेट को दोबारा शुरू करने की स्वीकृति देने की संभावना नहीं है। इस स्टार ऑलराउंडर ने साथ ही कहा कि वह अपनी वापसी के दिन गिनते हुए समय बिता रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं दो तरीकों से दिन गिन रहा हूं। पहला, कोरोना वायरस कब खत्म होगा और दूसरा, मेरा निलंबन कब खत्म होगा। मैं मुश्किल समय से गुजर रहा हूं। हालांकि कहीं पर भी कोई क्रिकेट नहीं हो रहा है लेकिन मुझे पता है कि अगर कल यह शुरू हो गया तो मैं क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगा।’
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