नई दिल्लीआईसीसी की क्रिकेट कमिटी के प्रमुख ने कहा कि गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर बैन एक अंतरिम कदम है और कोविड19 महामारी से जुड़ी स्थिति नियंत्रित होने पर चीजें दोबारा सामान्य हो जाएंगी। इंफेक्शन के खतरे को न्यूनतम करने के लिए कुंबले की अगुआई वाली कमिटी ने लार के इस्तेमाल को बैन करने की सिफारिश की है। आईसीसी ने शुक्रवार को क्रिकेट दोबारा शुरू करने के अपने दिशा-निर्देशों में भी इसे प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया। कुंबले ने कहा, ‘यह सिर्फ अंतरिम उपाय है और उम्मीद करते हैं कि कुछ महीनों या एक साल में चीजें नियंत्रित होंगी और चीजें पहले की तरह सामान्य होंगी।’ लार पर बैन को लेकर गेंदबाजों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है जिनका कहना है कि इससे निश्चित तौर पर स्विंग हासिल करने पर असर पड़ेगा, लेकिन अधिकांश ने इससे इस्तेमाल से होने वाले संभावित स्वास्थ्य जोखिम को स्वीकार किया है। इसे भी पढ़ें- वैक्स के इस्तेमाल पर चर्चा इस तरह की भी चर्चा है कि आईसीसी को गेंद चमकाने के लिए ‘वैक्स’ जैसे तत्वों के इस्तेमाल की स्वीकृति देनी चाहिए। कुंबले ने कहा, ‘अगर खेल के इतिहास को देखें तो हम इसे लेकर काफी आलोचनात्मक रहे हैं। बाहरी पदार्थों को खेल में आने से रोकने पर हमारा काफी ध्यान रहा है। अगर आप इसे वैध करने जा रहे हैं तो ऐसा कुछ करने जा रहे हैं जिसका कुछ वर्षों पहले गहरा असर रहा है।’ इसे भी पढ़ें- कुंबले ने 2018 के बॉल टैम्परिंग का हवाला दिया जिसके कारण ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों स्टीव स्मिथ, वॉर्नर और कैमरन बेनक्रॉफ्ट पर बैन लगे। उन्होंने कहा, ‘साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज के दौरान जो हुआ उस पर आईसीसी ने फैसला किया, लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इससे भी कड़ा रुख अपनाया इसलिए हमने इस पर भी विचार किया।’
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