अमित कुमार, नई दिल्ली सोशल मीडिया पर एक बार फिर यह शोर उठ गया है कि (MS Dhoni) ने अपने इंटरनैशनल क्रिकेट से संन्यास का मन बना लिया है। बुधवार को अचानक माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट टि्वटर पर धोनी के रिटायमेंट की खबरें ट्रेंड करने लगीं। #DhoniRetiers टॉप ट्रेंड में आ गया। ऐसा लगा कि लॉकडाउन के दौरान ही टीम इंडिया के पूर्व कप्तान क्रिकेट से विदा ले लेंगे। हालांकि इस उनकी पत्नी साक्षी ने मोर्चा संभालते हुए इन अटकलों को झूठा करार दिया। लेकिन अचानक ही उन्होंने अपने इस ट्वीट को डिलीट कर फैन्स के मन में एक बार फिर धोनी के रिटायरमेंट को लेकर आशंकाएं बढ़ा दी हैं। धोनी के रिटायरमेंट का सस्पेंस तो उनके ऐलान के साथ ही साफ होगा। लेकिन सोशल मीडिया पर हमेशा चुप रहने वाले कैप्टन कूल ने यहां अभी तक कोई खुलासा नहीं किया है। इस बीच टीम इंडिया के पूर्व कोच () ने कहा है कि धोनी ने भारतीय क्रिकेट में वह रुतबा और सम्मान हासिल किया है कि वह अपने संन्यास पर फैसला स्वयं ले सकें। भारत की (2011) विनिंग टीम के कोच रहे गैरी ने उस वर्ल्ड की जीत को फिर से याद करते हुए कहा, 'उस वर्ल्ड कप के दौरान खिलाड़ियों के साथ बहुत खूबसूरत यादें जुड़ी हैं। खिलाड़ियों से तब काफी उम्मीदें थीं और वे शानदार अंदाज में इन उम्मीदों पर खरे उतरे थे।' कर्स्टन ने हमारी सहयोगी वेबसाइट 'टाइम्सऑफइंडिया.कॉम' से एक खास बातचीत की। इन दिनों अगर कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण न फैला होता तो कैप्टन कूल इस बार भी अपनी आईपीएल टीम चेन्नै सुपरकिंग्स (CSK) का नेतृत्व करते नजर आते, लेकिन इस घातक महामारी के चलते यह टूर्नमेंट अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है। जब टीम इंडिया के पूर्व कोच कर्स्टन से धोनी के संन्यास पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'धोनी को अपनी शर्तों के आधार पर अपने संन्यास का फैसला करने देना चाहिए।' धोनी की तारीफ में कर्स्टन ने कहा, 'एमएस धोनी अतुलनीय क्रिकेटर हैं। उनके पास जबरदस्त बुद्धिमता, शांत स्वभाव, ताकत, फिटनेस, स्पीड और मैच जिताने की उनकी क्षमता उन्हें दूसरों से खास बनाती है। वह वर्तमान दौर के महान क्रिकेटरों में से एक हैं।' इस पूर्व कोच ने कहा, 'उन्होंने खेल से अलग होने का वह अधिकार हासिल किया है, जिससे की अपनी शर्तों पर वह फैसला ले सकें और किसी को भी उन्हें यह निर्देश देने का हक नहीं है कि अब उनका समय खत्म हो गया है।' साउथ अफ्रीका के लिए 14 हजार से ज्यादा इंटरनैशनल रन बनाने वाले इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि किसी इंटरनैशनल टीम को कोचिंग देने से भी ज्यादा मुश्किल इंटरनैशनल क्रिकेट में बतौर खिलाड़ी खेलना है। 52 वर्षीय इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा, 'मेरे लिए खेला अधिक चुनौतीपूर्ण रहा। यह मेरे जीवन का सौभाग्य है कि मैंने भारतीय टीम की कोचिंग की।'
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