नई दिल्ली उन्नीस दिसंबर 2019 को कोलकाता में इंडियन प्रीमियर लीग के अगले सीजन के लिए खिलाड़ियों की बोली लगेगी। टीमों की कोशिशें इस नीलामी में अपनी कमियों को दूर करने की होगी। फ्रैंचाइजी के पास अपनी टीम को मजबूत करने के लिए काफी पैसा है लेकिन यह जानना जरूरी है कि आखिर किस टीम को किस एरिया पर काम करने की जरूरत है? इस कड़ी में नजर डालते हैं तीन बार की चैंपियन चेन्नै सुपर किंग्स पर। सुपर किंग्स आम तौर पर अपनी टीम को एकजुट रखने में यकीन रखते हैं। उनकी कोर टीम के खिलाड़ी वही रहते हैं और टीम उसके साथ युवाओं को शामिल करती है। चेन्नै सुपर किंग्स टीम- अंबाती रायुडू, केएम आसिफ, दीपक चाहर, ड्वेन ब्रावो, फाफ डु प्लेसिस, केदार जाधव, लुंगी नगिडी, मिशेल सैंटनर, मोनू सिंह, एमएस धोनी, मुरली विजय, रविंद्र जडेजा, रुतुराज गायकवाड़, शेन वॉटसन, शार्दुल ठाकुर, सुरेश रैना किसके लिए जगह टीम को एक बैकअप ऑलराउंडर की जरूरत होगी। ड्वेन ब्रावो को चोट लगने का अंदेशा हमेशा बना रहता है। ऐसे में टीम कोई रिस्क लेना नहीं चाहेगी। टीम के पास 14.60 करोड़ रुपये का बजट है और उसे 5 खिलाड़ी खरीदने हैं। इसमें से तीन भारतीय और अधिकतम दो विदेशी हो सकते हैं। टीम विदेशी ऑलराउंडर्स पर अधिक रकम खर्च करने की योजना भी बना सकती है। टीम की रणनीति यूं तो अनुभवी खिलाड़ियों पर बोली लगाने की रही है। चेन्नै की विकेट धीमा है ऐसे में तेज बोलिंग में ऐसे ऑलराउंडर्स पर टीम की ज्यादा गहरी नजर होगी जो गति परिवर्तन का हुनर जानते हों। किस पर लगा सकती है बोली विदेशी- सैम करन, क्रिस मौरिस, जेसन होल्डर, पैट कमिंस घरेलू- पीयूष चावला, रॉबिन उथप्पा, जयदेव उनादकत
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