नई दिल्लीरेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाले के लिए मंगलवार की सुबह एक और खुशखबरी लेकर आई। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने उन्हें जूनियर फ्री स्टायल रेसलर ऑफ द इयर चुना है। यह अवॉर्ड जीतने वाले वह पहले भारतीय हैं। दीपक जूनियर वर्ल्ड चैंपियन भी हैं और तोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ भी कर चुके हैं, जहां वह देश के लिए मेडल की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। कभी सोचा भी नहीं था आजकल खिलाड़ियों का ध्यान जहां खेल के साथ ही अवॉर्ड पर लगा होता है वहीं दीपक ने कभी इस तरफ ध्यान भी नहीं दिया। NBT से बातचीत में उन्होंने कहा, 'सच बताऊं तो आपने जब बताया तभी मुझे पता चला कि मुझे यह अवॉर्ड मिला है। मैंने न तो इस अवॉर्ड के बारे में पहले कभी सुना था और ना ही इसके बारे में सोचा था।' नहीं रहा खुशी का ठिकाना इस 26 वर्षीय युवा रेसलर ने कहा, 'इसलिए जब यह मुझे पता चला कि मैं इस अवॉर्ड के लिए चुना गया हूं तो मुझे कुछ हैरानी हुई लेकिन अगले ही पल खुशी का ठिकाना भी नहीं रहा। मेरे अखाड़े के साथियों को भी जब पता चला तो उन्होंने आकर मुझे बधाइयां दीं और यहां जैसे जश्न का माहौल बन गया।' बढ़ेगा विश्वास इस साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में दीपक का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था लेकिन वह फाइनल में चोट की वजह से नहीं उतर पाए थे। छत्रसाल स्टेडियम में सुशील कुमार के साथ प्रैक्टिस करने वाले दीपक ने कहा कि इस अवॉर्ड ने कुछ हद तक उस निराशा को दूर कर दिया है। वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड चूकने का मलाल बकौल दीपक, 'वर्ल्ड चैंपियनशिप में मुझे पूरी उम्मीद थी कि मैं गोल्ड जीत लूंगा लेकिन मेरी चोट इतनी बढ़ गई थी कि मैं फाइनल में नहीं उतर पाया। हालांकि इस अवॉर्ड से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है और मुझे उम्मीद है कि मैं ओलिंपिक में अब जरूर देश को मेडल दिलाऊंगा। इस अवॉर्ड ने उस निराशा को भी कुछ हद तक दूर कर दिया है।'
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