नई दिल्लीतोक्यो ओलिंपिक में भारत के लिए पदक की दावेदार शूटर मनुभाकर ने एयर इंडिया के अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियो पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। उनका आरोप लगाया कि सभी पेपर वैलिड होने के बावजूद उन्हें भोपाल जाने वाली फ्लाइट में नहीं बैठने दिया गया। इस बारे में उन्होंने एक के बाद एक 3 ट्वीट करते हुए जमकर गुस्सा उतारा। हालांकि, बाद में खेल मंत्री किरण रिजिजू के दखल के बाद उन्हें फ्लाइट में चढ़ने दिया गया। युवा शूटर ने अपने पहले ट्वीट में लिखा- आईजीआई दिल्ली से भोपाल (एमपी शूटिंग अकैडमी) ट्रेनिंग के लिए जा रही हूं। मुझे ट्रेनिंग के लिए अपने हथियार की जरूरत है। एयर इंडिया के अधिकारियों से अनुरोध है कि इज्जत नहीं दे सकते हैं तो कम से कम खिलाड़ियों की बेइज्जती न करें। कृपया पैसे की डिमांड न करें। मेरे पास डीजीसीए (Directorate General of Civil Aviation, नागर विमानन महानिदेशालय) की परमिट है। उन्होंने पूरे मामले को बताते हुए दूसरे ट्वीट में लिखा- मुझे आईजीआई दिल्ली से फ्लाइट में चढ़ने अनुमति नहीं है। सभी वैध दस्तावेजीकरण और DGCA परमिट के बावजूद अब 10,200 रुपये मांगे जा रहे हैं। एयर इंडिया के प्रभारी मनोज गुप्ता डीजीसीए को मान्यता नहीं देते हैं। उन्होंने इस ट्वीट में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और हरदीप पूरी को टैग किया। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने एयर इंडिया के अधिकारी मनोज गुप्ता और अन्य स्टाफ पर अपमान करने का आरोप लगाया। साथ ही बताया कि उनके पास दो गन और गोलियां हैं। उन्होंने लिखा- इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। मनोज गुप्ता इंसान नहीं हैं। वह मेरे साथ किसी अपराधी की तरह सलूक कर रहे हैं। इसके अलावा उनके सुरक्षा प्रभारी को लोगों के साथ व्यवहार के बुनियादी प्रशिक्षण की आवश्यकता है। उम्मीद है कि मंत्रालय इस बात की जांच करेगा और उन्हें सही जगह भेजेगा। हालांकि, इसके कुछ ही देर बाद मनु का एक और ट्वीट आया, जिसमें उन्होंने बताया कि खेल मंत्री किरण रिजिजू की दखल के बाद मामला सुलझा लिया गया है। उन्होंने लिखा- शुक्रिया किरण रिजिजू सर। आप सभी से मजबूत समर्थन के बाद सवार हुई। जय हिंद।
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