जयपुर इस साल के इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की नीलामी में एक हैरानी बात नजर आई। 14 साल के आईपीएल के इतिहास में किसी भी फ्रैंचाइजी ने श्रीलंकाई क्रिकेटरों के लिए बोली नहीं लगाई। राजस्थान रॉयल्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट कुमार संगाकारा ( Kumar Sangakkara) ने इसके लिए अपने देश के क्रिकेट बोर्ड को जिम्मेदार ठहाराया है। श्रीलंका के लिए 134 टेस्ट और 404 वनडे इंटरनैशनल खेलने वाले संगाकारा ने लंका क्रिकेट बोर्ड से कहा है कि वह अपने अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में संतुलन करने की सलाह दी है। बीते साल आईपीएल में लसिथ मलिंगा और इसुरु उदाना, दो ही श्रीलंकाई क्रिकेटर थे। संगाकारा ने कहा, 'मुझे लगता है कि श्रीलंका प्रीमियर लीग और श्रीलंका क्रिकेट में कई शानदार खिलाड़ी हैं। लेकिन मुझे लगता है कि अहम बात यह है कि श्रीलंका क्रिकेट के कार्यक्रम के दौरों के कार्यक्रम को लेकर काफी अनिश्चितता है। ऐसे में यह अंदाजा लगाना मुश्किल होता है कि कोई खिलाड़ी कितने समय तक आईपीएल में रहना या बीच में ही चला जाएगा। इसलिए फ्रैंचाइजी श्रीलंकाई खिलाड़ियों पर दांव लगाने से बचते हैं न कि उनमें क्षमता की कोई कमी है।' संगाकारा ने यह भी कहा कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को अपने अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर और आईपीएल जैसे फ्रैंचाइजी लीग में संतुलन बनाने की जरूरत है क्योंकि दोनों से ही खेल को फायदा होता है। उदाहरण के लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट ने ने कह दिया है कि वह अनपे खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने से नहीं रोकेगा भले ही इस टी20 लीग की और इंग्लैंड के खिलाफ 2 जून से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज की तारीखों में टकराव हो रहा हो।
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