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Tuesday, January 5, 2021

Kapil Dev Birthday: 62 साल के हुए भारत के सबसे महान ऑलराउंडर कपिल देव

नई दिल्ली आज भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े ऑलराउंडर कपिल देव का 62वां जन्मदिन है। आज ही के दिन 6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़ में उनका जन्म हुआ था। कपिल की कप्तानी में भारत ने 1983 का वर्ल्ड कप जीता था। कपिल ने उस मिथ को तोड़ा कि भारत से तेज गेंदबाज नहीं आ सकते। कपिल के आंकड़े बेमिसाल कपिल देव कपिल ने अपने टेस्ट करियर में 5248 रन बनाए और 434 विकेट लिए। वह अब तक अकेले ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्होंने 5000 रन और 400 विकेट का आंकड़ा पार किया है। कपिल ने 225 वनडे मैचों में 3783 रन बनाए और 253 विकेट भी लिए थे। किया इतना कमालकपिल टेस्ट क्रिकेट में 4000 रन बनाने और 400 विकेट लेने वाले इकलौते टेस्ट क्रिकेटर हैं। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 5248 रन हैं, जिसमें 8 सेंचुरी शामिल हैं। इसके अलावा उनके नाम 434 टेस्ट विकेट भी हैं। यह रेकॉर्ड 8 साल तक कपिल देव के नाम रहा। वेस्ट इंडीज के कॉर्टनी वॉल्श ने वर्ष 2000 में इस रेकॉर्ड को अपने नाम किया। कपिल देव ने वर्ल्ड कप 1983 में खेले आठ मैचों में 303 रन बनाए थे, 12 विकेट लिए थे और 7 कैच भी पकड़े थे। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई 175 रनों की उनकी पारी आज भी रेकॉर्ड बुक में दर्ज है। हालांकि इस बीबीसी की हड़ताल के चलते इस मैच की कोई रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है। हरियाणा के लिए खेला घरेलू क्रिकेटमहान बल्लेबाज सुनील गावसकर की नजर में कपिल देव भारतीय क्रिकेट का पहला स्मॉल टाउन हीरो हैं। कपिल ने आजीवन हरियाणा के लिए घरेलू क्रिकेट खेला। इसके अलावा वह इंग्लिश काउंटी वॉस्टरशर और नॉर्थहैम्पटनशर के लिए भी क्रिकेट खेले। फिटनेस भी कमालकपिल देव बहुत फिट खिलाड़ी थे। विकेटों के बीच दौड़ लगाने में भी उनका कोई सानी नहीं था। अपने करियर की 184 पारियों में वह कभी रन आउट नहीं हुए। अगर 1984-1985 में इंग्लैंड के खिलाफ अनुशासात्मक कार्रवाही के चलते उन्हें टेस्ट मैच से ड्रॉप नहीं किया गया होता, तो उनके टेस्ट करियर में लगातार 132 टेस्ट मैच खेले होते। कपिल ने 1993-94 में कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में कपिल देव रिचर्ड हेडली के 431 टेस्ट विकेटों के रेकॉर्ड को पीछे छोड़ा था। इस मैच में कपिल वनडे के साथ टेस्ट में भी सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बन गए थे। वह मुथैया मुरलीधरन और डेनियस लिली के बीच में ऐसा करने वाले अकेले खिलाड़ी हैं। कपिल देव के लिए फैंस की दीवागनी का यह आलम था कि साल 1984 में जब भारतीय टीम उनके बिना मैदान पर उतरी तो फैंस काफी नाराज हुए थे। कपिल को टीम से बाहर रखने के लिए तब के कप्तान रहे सुनील गावसकर को फैंस ने जिम्मेदार माना था । भारत और इंग्लैंड के बीच 1984-85 की टेस्ट सीरीज के दौरान भारत ने बंबई में खेले गए पहले टेस्ट में जीत हासिल की थी। दिल्ली में हुए अगले मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा था। दिल्ली में हार के लिए कपिल की 'गैरजिम्मेदाराना बल्लेबाजी' को भी कारण माना गया। उस मैच में जब कपिल ने इंग्लैंड के स्पिनर पैट पोकॉक की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। इसी प्रयास में वह आउट हो गए। कपिल सिर्फ चार मिनट ही क्रीज पर रुके। इसके बाद कपिल को कोलकाता में खेले गए अगले मैच में नहीं चुना गया। इसके बाद मैदान पर दर्शकों में काफी गुस्सा देखा गया। दर्शकों के निशाने पर कप्तान सुनील गावसकर थे। मैदान पर नारे लग रहे थे- 'वी वांट कपिल, गावसकर गो बैक।' दीवारों पर लिखा था, 'नो कपिल, नो टेस्ट।'


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