दुबईदुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों में शुमार पूर्व भारतीय कप्तान ने इंडियन प्रीमियर लीग () के 13वें सत्र में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के खिताब जीतने में नाकाम रहने के लिए कप्तान कोहली के बल्ले से खराब प्रदर्शन को भी जिम्मेदार माना है। गावसकर ने कहा कि विराट खुद के स्थापित उच्च मानकों की बराबरी करने में नाकाम रहे। अबु धाबी के शेख जायेद स्टेडियम में शुक्रवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर में छह विकेट की हार के साथ बैंगलोर की टीम टूर्नमेंट से बाहर हो गई। पढ़ें, गावसकर ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, ‘ ने अपने लिए जो उच्च स्तर स्थापित किए हैं, उसे देखते हुए संभवत: वह भी कहेंगे कि उनकी बराबरी नहीं कर पाया। यही उन कारणों में से एक है जिसकी वजह से आरसीबी की टीम खिताब जीतने में एक बार फिर नाकाम रही क्योंकि जब वह एबी डि विलियर्स के साथ बड़ी पारियां खेलते हैं तो टीम बड़ा स्कोर बनाती है।’ पढ़ें, आरसीबी कैप्टन कोहली ने 121.35 के स्ट्राइक रेट से 15 मैचों में 466 रन बनाए और उनकी टीम को अधिकांश समय बीच के ओवरों में रन बनाने के लिए जूझना पड़ा। महान बल्लेबाज गावसकर ने कहा कि आरसीबी की गेंदबाजी में धार की कमी थी जिससे कि वे विरोधी टीमों को लगातार चुनौती देकर जीत दर्ज कर सके। उन्होंने कहा, ‘गेंदबाजी हमेशा से उनका कमजोर पक्ष रहा है। इस टीम में आरोन फिंच भी हैं, जो अच्छे टी20 खिलाड़ी हैं, युवा देवदत्त पड्डिकल ने अच्छी शुरुआत की और फिर टीम में विराट कोहली और एबी डि विलियर्स हैं।’ 71 वर्षीय गावसकर का साथ ही मानना है कि टीम को ऐसा खिलाड़ी ढूंढना होगा जो फिनिशर की भूमिका निभा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि शिवम दुबे इस भूमिका में फिट हो सकते हैं। सनराइजर्स के खिलाफ हार आरसीबी की लगातार पांचवीं हार थी। टीम ने अपने शुरुआती 10 में से सात मैच जीतकर अच्छी शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद राह भटक गई।
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