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Sunday, November 22, 2020

ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया के लिए आसान नहीं रोहित की भरपाई करना

नितिन नाइक, नई दिल्ली किस विदेशी खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया में 2013 के बाद से सबसे ज्याद वनडे इंटरनैशनल रन बनाए हैं? किस बल्लेबाज ने 2013 से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा वनडे सेंचुरी लगाई हैं। इन सब सवालों का एक ही जवाब है और वह है रोहित शर्मा। रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में हालांकि जो शतक लगाए हैं उन सबमें भारतीय टीम को हार मिली थी लेकिन रोहित के बल्ले के दम से तो इनकार नहीं किया जा सकता। महेंद्र सिंह धोनी ने को इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली में पारी की शुरुआत करने को कहा। यह साल 2013 की बात है। और तब से रोहित की किस्मत का पहिया ऐसा घूमा कि कहना ही क्या। वह विराट कोहली के साथ टीम इंडिया के सबसे अहम खिलाड़ी बन गए, खास तौर पर सीमित ओवरों के प्रारूप में। रोहित बैकफुट पर बहुत अच्छा और आसानी से खेलते हैं ऐसे में ऑस्ट्रेलिया की पिचों पर उनका खेल काफी मददगार हो सकता था। इसके अलावा टीम इंडिया रोहित के आक्रामक अंदाज को भी मिस करेगी जो पारी बढ़ने के साथ-साथ और भी निखरता जाता है। रोहित की खासियत है एक ही गेंद पर अलग-अलग शॉट खेलना। वह उस गेंद को मिडविकेट के ऊपर से पुल कर सकते हैं तो उसी को पॉइंट के ऊपर से कट भी कर सकते हैं। ये रोहित के तरकश के दो कारगर तीरों में से हैं, खासतौर पर पुल शॉट। यही वजह है कि जब आईसीसी ने विव रिचर्ड्स, विराट कोहली, रिकी पॉन्टिंग और हर्शल गिब्स की तस्वीरें डालकर यह पूछा कि इनमें से कौन बेहतर पुल शॉट खेल सकता है, तो रोहित ने उस पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था, 'यहां कोई मिस है? मुझे लगता है कि घर से काम करना आसान नहीं है।' यह बात मार्च की है जब कोविड-19 महामारी के चलते अभी लॉकडाउन लगा ही था। ट्रोलिंग की कला सीखने के साथ ही रोहित ने सीमित ओवरों के प्रारूप में पारी की शुरुआत करने की कला से भी सीखा है। पहले पावरप्ले (शुरुआती 10 ओवर) में रोहित का स्ट्राइक रेट 60 के करीब रहता है। वह डॉट बॉल को लेकर ज्यादा परेशान नहीं होते क्योंकि उन्हें मालूम है कि वह इसकी भरपाई आसानी से कर सकते हैं। उन्होंने ऐसा वर्ल्ड कप में भी कर दिखाया जहां उन्होंने रेकॉर्ड पांच शतक लगाए थे। 2013 के बाद से रोहित ने 138 वनडे इंटरनैशनल खेले हैं। और तब से उन्होंने 221 छक्के लगाए हैं। रोहित का ऑस्ट्रेलिया में नहीं होना न सिर्फ एक दमदार खिलाड़ी का मिस होना भर नहीं है लेकिन इसके साथ ही एक मजबूत ओपनिंग जोड़ी पर भी इसका असर पड़ेगा। शिखर धवन और रोहित शर्मा ने 2013 की चैंपियंस ट्रोफी से साथ पारी की शुरुआत करना शुरू किया। उन्होंने 107 बार साथ ओपनिंग की है और 45.30 के औसत से 16 सेंचुरी की मदद से 4802 रन बनाए हैं। लेफ्ट ऐंड राइड कॉम्बिनेशन के अलावा दोनों में अच्छी गेंद को मैदान के बाहर भेजने की खूबी है। इससे आने वाले बल्लेबाजों के लिए काफी आसानी हो जाती है। अब सवाल उठता है कि फिर पारी की शुरुआत कौन करेगा? 2020 की शुरुआत में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत आई थी तब केएल राहुल को विकेटकीपर और नंबर 5 पर बल्लेबाजी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। यह प्रयोग सफल रहा था। कीपर के रूप में उनकी जगह अब सुनिश्चित होती जा रही है और साथ ही उपकप्तानी व आईपीएल में ऑरेंज कैप ने भी राहुल के आत्मविश्वास में इजाफा किया होगा। क्या एक बार दोबारा उन्हें बतौर ओपनर आजमाया जाएगा। मयंक अग्रवाल ने भी साबित किया कि वह अच्छे गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी कर सकते हैं। कोहली खुद भी पारी की शुरुआत कर सकते हैं। वह आईपीएल में बैंगलोर की टीम के लिए सफलता से ऐसा कर चुके हैं। या फिर टीम शुभमन गिल पर भरोसा जताएगी? इन सवालों के जवाब शुक्रवार को मिल जाएंगे।


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