नई दिल्लीदिग्गज स्पिनर को भारतीय क्रिकेट टीम में मुख्य कोच के तौर पर अपने कार्यकाल से कोई पछतावा नहीं है लेकिन उनका कहना है कि इसका अंत बेहतर हो सकता था। भारतीय कप्तान से मतभेद के बाद 2017 में चैंपियंस ट्रोफी के बाद कुंबले इस पद से हट गए थे। पूर्व कप्तान कुंबले ने ऑनलाइन सेशन में जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर पॉमी मबांग्वा से बातचीत की। 49 वर्षीय कुंबले ने कहा, ‘हमने उस एक साल के समय में काफी अच्छा किया था। मैं सचमुच काफी खुश था कि इसमें कुछ योगदान किए गए थे और इसमें कोई पछतावा नहीं है। मैं वहां से भी आगे बढ़कर खुश था।’ पढ़ें, उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि इसका अंत बेहतर हो सकता था लेकिन फिर भी ठीक है। कोच के तौर पर आप महसूस करते हो कि आगे बढ़ने का समय कब है, कोच ही होता है जिसे आगे बढ़ने की जरूरत होती है। मैं सचमुच काफी खुश था, मैंने उस एक साल में काफी अहम भूमिका निभाई थी।’ कुंबले का बतौर कोच एक साल काफी सफल रहा था जिसमें टीम 2017 में चैंपियंस ट्रोफी के फाइनल में पहुंची थी और साथ ही टेस्ट टीम के तौर पर भी काफी मजबूत हुई थी, जिसने उनके कार्यकाल के दौरान 17 में से केवल एक ही टेस्ट गंवाया था। पढ़ें, पूर्व कोच ने कहा, ‘मैं बहुत खुश था कि मैंने भारतीय कोच की भूमिका को लिया था। मैंने भारतीय टीम के साथ जो एक साल बिताया था, वह सचमुच शानदार था।’ भारत के लिए 132 टेस्ट में 619 विकेट और 271 वनडे में 337 विकेट लेने वाले कुंबले ने कहा, ‘बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ और भारतीय ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बनना एक शानदार अहसास है।’ कुंबले इस समय इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब फ्रेंचाइजी के मुख्य कोच हैं।
from Sports News in Hindi: Latest Hindi News on Cricket, Football, Tennis, Hockey & more | Navbharat Times https://ift.tt/3fRZL5Y
No comments:
Post a Comment