नई दिल्ली प्रत्येक क्रिकेट युग में कुछ विशेष जोड़ियों होती हैं, जो अपनी खास छाप छोड़ती हैं। श्रीलंका के पूर्व कप्तान () का मानना है कि () और () वर्तमान समय में भारत के लिए इसी तरह की जोड़ी है। कोहली और रोहित ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में मिलकर 35,930 रन बनाए हैं और संगकारा को लगता है कि इस जोड़ी का वही प्रभाव है, जो नब्बे के दशक के आखिर में और 2000 के दशक के शुरू में सौरभ गांगुली और राहुल द्रविड़ का हुआ करता था। संगकारा ने स्टार स्पोर्ट्स के 'क्रिकेट कनेक्टेड' कार्यक्रम में कहा, 'विराट और रोहित में कुछ खास है। यह सही है कि नियम बदल गए हैं और एकदिवसीय क्रिकेट में रन बनाना आसान हो गया है लेकिन भारतीय खिलाड़ी जितनी अधिक क्रिकेट खेलते हैं उसमें यह आसान नहीं है।' संगकारा को लगता है कि कोहली और रोहित इसलिए भी सम्मान के हकदार हैं क्योंकि पूर्व के खिलाड़ी नियमित तौर पर तीन प्रारूपों में नहीं खेलते थे। उन्होंने कहा, 'इसलिए मुझे लगता है कि आपको रोहित और विराट के प्रति बहुत सम्मान होना चाहिए लेकिन यह पूर्व के खिलाड़ियों के लिए भी है, जिन्होंने तब कड़ी मेहनत की थी।' संगकारा ने कहा, 'प्रत्येक युग में कुछ विशेष छाप छोड़ने वाली जोड़ियां होती हैं और वर्तमान समय में भारत के लिए निश्चिततौर पर विराट और रोहित की जोड़ी ऐसी है।' संगकारा ने उस जमाने को याद किया कि द्रविड़ और गांगुली खेला करते थे, जो कोहली और रोहित की तरह अपनी तकनीकी रूप से सक्षम बल्लेबाज होने के बावजूद विध्वंसक भी थे। उन्होंने कहा, 'अगर आप राहुल और दादा पर गौर करो तो वे दोनों परंपरागत बल्लेबाज थे। वे खूबसूरत शॉट खेलते थे और तकनीकी तौर पर बहुत अच्छे थे। द्रविड़ कुछ अधिक थे लेकिन इस तरह की दर और सटीक बल्लेबाजी के साथ दूसरी टीमों को नुकसान पहुंचाने की उनकी क्षमता की वास्तव में प्रशंसा की जानी चाहिए।' संगकारा ने कहा, 'अगर आप आज के खेल पर गौर करो तो भारत के पास दो सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं, विराट और रोहित जो परंपरागत क्रिकेट खेलते हैं लेकिन जो खेल के प्रत्येक प्रारूप में विध्वंसक हैं।'
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