नई दिल्लीकिसी टीम में खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा उठाने के लिए एक कप्तान की भूमिका क्या होती है। इस बात को टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर () और () की इस बातचीत से बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। ये दोनों ही खिलाड़ी आईपीएल के पहले अडिशन में राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा थे। इस सत्र में रॉयल्स की कमान (Shane Warne) के हाथ में थी और उन्होंने सबसे कमजोर आंकी जा रही राजस्थान की टीम को चैंपियन बनाया था। वॉर्न रॉयल्स की टीम के कोच भी थे और कप्तान भी। मोहम्मद कैफ और यूसुफ इंस्टाग्राम पर लाइव चैट के दौरान फैन्स से रू-ब-रू हो रहे थे। इस दौरान इन दोनों खिलाड़ियों ने शेन वॉर्न की कप्तानी और कोचिंग की जमकर तारीफ की। मोहम्मद कैफ ने उन पलों को याद करते हुए कहा, 'वह अपने समय से आगे रहने वाले कप्तान थे। वॉर्न ने 2008 में हॉर्सेस फॉर कोर्सेस कॉन्सेप्ट की शुरुआत की थी। वॉर्न ने सभी खिलाड़ियों से उनका बेस्ट निकलवाया।' अपने दौर के बेहतरीन फील्डर रहे मोहम्मद कैफ ने बताया, 'शेन वॉर्न ने मुझे उन खिलाड़ियों से बात करने की जिम्मेदारी दी थी, जिनकी इंग्लिश कमजोर थी। शुरुआत में मैंने आईपीएल को गंभीरता से नहीं लिया था लेकिन जब हम जीतने लगे तो समझ आने लगा की लोग इसमें रुचि ले रहे हैं।' इस दौरान यूसुफ पठान ने कहा, 'दुनिया के हर कप्तान को उनसे सीखना चाहिए। मुझे याद है वे (वॉर्न) हमारी टीम की मीटिंग लेते थे। वे बहुत पॉजिटिव रहते थे। वे कहते थे इससे फर्क नहीं पड़ता हम पहला मैच हार चुके हैं। उनका जोर होता था कि सभी अपना बेस्ट खेल खेलें और टीम भावना दिखाएं। उनकी स्पीच से हम उत्साह से भर गए थे। हर कप्तान को उनसे सीखना चाहिए।' यूसुफ ने आईपीएल 2008 सीजन में 435 रन बनाए थे और 8 विकेट भी अपने नाम किए थे।
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