लंदनइंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा कि वह महज सफेद गेंद का क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी नहीं बनना चाहते। उन्होंने साथ ही टेस्ट फॉर्मेट में खेलने की इच्छा जताई है। बिलिंग्स ने अपने करियर के शुरुआत में जब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने का फैसला किया था, तब वह टेस्ट मैचों में खेलने के इच्छुक नहीं थे। इंग्लैंड के इस 28 साल के क्रिकेटर ने कभी भी टेस्ट मैच नहीं खेला, वह 15 वनडे और 26 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच अभी तक खेल चुके हैं। कंधे की चोट के कारण वह पिछले साल टीम की वर्ल्ड कप खिताबी जीत का हिस्सा नहीं बन सके थे। पढ़ें, बिलिंग्स ने ‘क्रिकइन्फो’ से कहा, ‘इसके लिए (वाइट बॉल क्रिकेट तक सीमित रहने को) मैं खुद के अलावा किसी और को दोषी नहीं मानता। मुझे लगता है कि टेस्ट टीम में भी काफी मौके हैं, विशेषकर एक बल्लेबाज के रूप में और साथ ही विकेटकीपिंग स्थान के लिए भी। मैं सिर्फ सफेद गेंद के खिलाड़ी के रूप में सीमित नहीं होना चाहता, मैं इससे भी बेहतर हूं।’ 28 वर्षीय बिलिंग्स ने आईपीएल में हिस्सा लेने के बाद बदलाव पर कहा, ‘मैंने आईपीएल के चार सीजन खेले, आप इस तरह के मौके को ठुकराना नहीं चाहोगे और युवा खिलाड़ी के तौर पर आपके पास खुद में विकास करने का मौका होता है। हालांकि पहले दो वर्षों में कोई वित्तीय लाभ नहीं हुआ। मैंने इसे सिर्फ एक मौके के रूप में देखा। मुझे दिल्ली फ्रैंचाइजी ने 2016 में 30 लाख के बेस प्राइस में ही टीम में शामिल किया था।’
from Sports News in Hindi: Latest Hindi News on Cricket, Football, Tennis, Hockey & more | Navbharat Times https://ift.tt/2Mr2Tsa
No comments:
Post a Comment