नई दिल्लीदेश की बहादुर बेटी लॉकडाउन में अपने पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बिठाकर एक हजार किमी से ज्यादा (लगभग 1200 किमी) की दूरी आठ दिन में तय करके गुरुग्राम से बिहार के दरभंगा पहुंच गई थीं। ज्योति ने रोजाना 100 से 150 किमी साइकिल चलाई। इसके बाद उनके वीडियोज दुनियाभर में वायरल हो रहे हैं। दूसरी ओर भारतीय साइकिलिंग महासंघ (CFI) ने उनके टैलेंट का परखते हुए बड़ा ऑफर दिया है। असोसिएशन चाहता है कि वह दिल्ली आएं और ट्रायल दें, जिससे कि उनकी ट्रेनिंग और उनकी स्किल्स को निखारा जा सके। इस संबंध में महासंघ से किसी ने ज्योति को कॉल भी किया था। इस बारे में ज्योति ने एबीपी को दिए इंटरव्यू में बताया, 'मुझे दिल्ली से फोन (चहकते हुए) आया था। उन्होंने पूछा बेटी दिल्ली आकर साइकिल रेस में भाग लेना है। हम बोले अभी नहीं कर सकते, क्योंकि मैं पूरी तरह से थकी हुई हूं।' लगभग 15 वर्षीय ज्योति ने क्यूट जवाब देते हुए कहा- फिलहल मेरे हाथ पैर दर्द कर रहे हैं। मैं नहीं कर पाऊंगी तो उन्होंने कहा ठीक है बेटा। अभी नहीं। हम तुम्हें एक-दो महीने का समय दे रहे हैं। हम तुम्हें लेने आएंगे। अगर तुम रेस में जीत जाओगी तो वहीं पर तुमका रखेंगे। बता दें कि CFI के निदेशक वीएन सिंह (VN Singh) ने ज्योति (Jyoti) को बड़ा ऑफर दिया है। असोसिएशन ने उन्हें ‘क्षमतावान’ करार देते हुए कहा कि हम ज्योति को ट्रायल का मौका देंगे और अगर वह सीएफआई के मानकों पर थोड़ी भी खरी उतरती हैं तो उन्हें विशेष ट्रेनिंग और कोचिंग मुहैया कराई जाएगी। पढ़ें: दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप भी उन लोगों में हैं जो भारत में पारिवारिक प्रेम की एक झलक पाकर गदगद हैं। उन्होंने ट्विटर पर उस लड़की की स्टोरी शेयर की है जो गुरुग्राम में फंसे अपने पिता को साइकिल पर बिठाकर अपने घर बिहार के दरभंगा ले गई। उन्होंने ट्वीट किया, '15 साल की ज्योति कुमारी ने अपने जख्मी पिता को साइकिल से सात दिनों में 1,200 किमी दूरी तय करके अपने गांव ले गई। यह भारतीयों की सहनशीलता और उनके अगाध प्रेम की भावना का परिचायक है।'
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