नई दिल्ली (एचआई) ने के निधन पर शोक जताया है। इस पूर्व खिलाड़ी ने सोमवार को लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली। वह आठ मई से मोहाली के फोर्टिस असप्ताल में भर्ती थे। एचआई के अध्यक्ष मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने एक बयान में कहा, ‘आज हमने सिर्फ अपने महान खिलाड़ी को नहीं खोया बल्कि हमें दिशा दिखाने वाले दिए को भी खो दिया है। आजादी के बाद के काल में उनकी उपलब्धियों का अच्छा खासा रिकार्ड है। बलबीर सिंह सीनियर खेल के सबसे बड़े प्रशंसकों में से एक थे और जब भी सलाह की जरूरत होती तो हाजिर रहते थे। हॉकी ने अपना सबसे चमकता सितारा खो दिया। हॉकी इंडिया में हर कोई इस खबर से दुखी है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘बलबीर सिंह सीनियर की बेहतरीन उपलब्धियां, खेल के प्रति उनका जुनून, खेल के आइकन के रूप में उनकी जिंदगी, आने वाली पीढि़यों के लिए उदाहरण हैं। महासंघ की तरफ से मैं उनके परिवार के साथ संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।’ एचआई के महासचिव राजिंदर सिंह ने कहा, ‘बलबीर सिंह सीनियर की उपलब्धियां को दोहराया नहीं जा सकता। उनके बारे में भूतकाल में बात करना मुश्किल है क्योंकि वह हमेशा मदद के लिए मौजूद थे। कोई भी उन्हें कभी भी फोन कर सकता था।’ उनके परिवार ने उनके निधन की जानकारी दी। बीते कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में उनका ईलाज चल रहा था। आठ मई को उन्हें तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका कोविड-19 का टेस्ट भी कराया गया थो जो निगेटिव आया था। बलबीर सिंह सीनियर 1948 के लंदन ओलिंपिक, 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक और 1956 के मेलबर्न ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के सदस्य थे। मेलबर्न ओलंपिक में बलबीर सिंह सीनियर ने भारतीय हॉकी टीम का नेतृत्व किया था। वह 1975 में विश्व प जीतने वाली टीम के कोच थे साथ ही उन्हीं के कोच रहते हुए हुए टीम ने 1971 का विश्व कप में कांस्य पदक जीता ता। 1957 में में उन्हें पद्मश्री मिला था।
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