नई दिल्ली सचिन तेंडुलकर के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक हैं। कई यादगार पारियां हैं। पर सचिन ने एक ऐसी पारी को अपनी सबसे पसंदीदा पारियों में शामिल किया है जो शतक तो छोड़िए अर्धशतक भी नहीं है। यह पारी थी सचिन की वेस्टइंडीज के खिलाफ 1997 में त्रिनिदाद में खेली गई 44 रनों की पारी। सचिन उस समय भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान थे। उन्होंने 43 गेंद पर 44 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज की उस टीम में कर्टली ऐम्ब्रोस, कर्टनी वॉल्शन, इयान बिसप और फ्रैंकलिन रोज जैसे तेज गेंदबाज थे। पोर्ट ऑफ स्पेन का वह विकेट भी काफी चुनौतीपूर्ण था। हालांकि सचिन ने यह भी बताया कि अंपायर ने गलती से उन्हें आउट दिया था। सचिन ने क्रिकेट वेबसाइट से कहा, 'एक अन्य पारी जो मुझे काफी पसंद है वह वेस्टइंडीज और भारत के बीच 1997 में त्रिनिदाद में खेली गई पारी थी। हमने पहले बल्लेबाजी की। आसमान में बादल छाए थे और सुबह के विकेट में नमी थी। न सिर्फ विकेट मुश्किल थी बल्कि गेंदबाजी आक्रमण भी बहुत अच्छा था। उनकी पेस बैटरी में वॉल्श, एम्ब्रोस, बिशप और रोज थे।' उन्होंने कहा, 'मैंने जवाबी अटैक कर 44 रन बनाए। इसके बाद एम्ब्रोस की गेंद पर मुझे विकेटकीपर के हाथों कैच आउट दे दिया गया। हालांकि गेंद मेरे बल्ले से नहीं लगी थी। यह वर्षा-बाधित मैच थे और हम हार गए थे लेकिन जिन हालात में मैंने बैटिंग की वे काफी मुश्किल थे। मैं इसे अपनी पसंदीदा पारी में शामिल करूंगा.' भारत वह मैच 8 रन से हार गया था। वर्षा-बाधित मैच में वेस्टइंडीज को 33 ओवर में 146 रन का टारगेट मिला था। भारत ने 48.3 ओवर में 179 रन पर ऑल आउट हो गई थी। ऐम्ब्रोस ने 4 और रोज ने तीन विकेट लिए थे वहीं बिशप और जिमी एडम्स ने एक-एक विकेट लिया था। वेस्टइंडीज ने यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। उसकी ओर से शिवनारायण चंद्रपॉल के 83 गेंदों पर 88 रन बनाए। वहीं ब्रायन लारा ने 25 रनों की पारी खेली।
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