मुंबईभारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान ने गुरुवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया में होने वाले महिला टी20 विश्व कप में दबाव का सामना करना ही सफलता की कुंजी होगा जो उनकी टीम पिछले दो विश्व कप में नहीं कर सकी। इंग्लैंड और मेजबान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में हरमनप्रीत ने यह बात कही। भारतीय टीम पिछले टी20 विश्व कप और वनडे विश्व कप से सेमीफाइनल में बाहर हो गई थी। हरमनप्रीत ने कहा, ‘हम पिछले दो विश्व कप में काफी करीब पहुंचे लेकिन हमें दबाव का सामना करना सीखना होगा। हम पिछले दो विश्व कप में ऐसा नहीं कर सके।’ उन्होंने कहा, ‘इस बार हम अधिक दबाव लेने की बजाय अपने खेल का मजा लेना चाहते हैं। हम यह सोचकर नहीं खेलेंगे कि यह बड़ा टूर्नामेंट है। हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है लेकिन दबाव नहीं लेना।’ महिला टी20 विश्व कप ऑस्ट्रेलिया में 21 फरवरी से आठ मार्च तक खेला जाएगा। भारत का सामना ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, न्यू जीलैंड और श्रीलंका से ग्रुप चरण में होगा। भारत के लिए 104 टी20 मैच खेल चुकी हरमनप्रीत ने कहा कि टीम को दबाव के बारे में सोचने की बजाय अपने हुनर को निखारने पर फोकस करना होगा। उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ विश्व कप में हम बड़ा टूर्नामेंट खेलने का काफी दबाव लेते आए हैं। इस बार हमें यह नहीं सोचना है कि यह बड़ा टूर्नमेंट है। हमें अपने हुनर पर फोकस करना है कि हम कैसे खेले और जीते।’ शेफाली वर्मा और रिचा घोष जैसे नए खिलाड़ियों को संदेश के बारे में पूछने पर हरमनप्रीत ने कहा कि उन्हें अपना स्वाभाविक खेल दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘दबाव लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम दबाव के बिना खुलकर खेलेंगे तो अपना सौ फीसदी दे सकेंगे। हम विश्व कप से पहले यह त्रिकोणीय सीरीज खेल रहे हैं जिससे तैयारी में काफी मदद मिलेगी।’ अपने निजी प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा कि बीता साल अच्छा नहीं रहा लेकिन 2020 में वह काफी सकारात्मक महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं काफी सकारात्मक महसूस कर रही हूं। आप हमेशा सौ फीसदी प्रदर्शन नहीं कर सकते क्योंकि हमेशा हालात आपके अनुकूल नहीं रहते। इसे स्वीकार करना होगा।’
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