होबार्ट ने दो साल के विश्राम के बाद वापसी पर शानदार शुरुआत करते हुए शनिवार को यहां नादिया किचनोक के साथ मिलकर डब्ल्यूटीए का युगल खिताब जीता। भारत और उक्रेन की गैरवरीयता प्राप्त जोड़ी ने शुहाई पेंग और शुहाई झांग की दूसरी वरीयता प्राप्त चीनी जोड़ी को एक घंटे 21 मिनट तक चले मैच में 6-4, 6-4 से हराया। बेटे इजहान के जन्म के बाद पहली बार किसी टूर्नमेंट में खेल रही थी। इस 33 वर्षीय खिलाड़ी ने इस तरह से ओलिंपिक वर्ष में शानदार शुरुआत की और ऑस्ट्रेलियाई ओपन के लिए भी पुख्ता तैयारियों का सबूत पेश किया। सनिया बेटे के जन्म के कारण 2018 और 2019 के सत्र में डब्ल्यूटीए सर्किट में नहीं खेली थीं। सानिया और नादिया ने पहले गेम में ही चीनी खिलाड़ियों की सर्विस तोड़ी लेकिन अगले गेम में उन्होंने सर्विस गंवा दी। दोनों जोड़ियों के बीच इसके बाद 4-4 तक करीबी मुकाबला देखने को मिला। सानिया और नादिया को नौवें गेम में ब्रेक पॉइंट मिला जिसके बाद उन्होंने आसानी से पहला सेट अपने नाम किया। चीनी जोड़ी का खेल दूसरे सेट के शुरू में भी अच्छा नहीं रहा और उन्होंने तीसरे गेम में सर्विस गंवा दी। उन्होंने हालांकि ब्रेक पॉइंट लेकर फिर से वापसी की। सानिया और नादिया छठे गेम में 0-30 से पीछे थी लेकिन पेंग और झांग ने उन्हें सर्विस बचाये रखने का मौका दिया। इससे भारत और उक्रेन की जोड़ी ने 4-2 से बढ़त बनाई। चीनी टीम ने हालांकि संघर्ष जारी रखा और आठवें गेम में ब्रेक पॉइंट से स्कोर 4-4 से बराबर कर दिया। सानिया और नादिया ने हालांकि नौवें गेम में चीनी जोड़ी की सर्विस तोड़ दी और अगले गेम में अपनी सर्विस बचाकर मैच अपने नाम कर दिया। इस जीत से सानिया और नादिया को 13580 डालर की इनामी राशि मिली। दोनों को अलग अलग 280 रैकिंग अंक भी मिले।
from Sports News in Hindi: Latest Hindi News on Cricket, Football, Tennis, Hockey & more | Navbharat Times https://ift.tt/30uBtYT
No comments:
Post a Comment