नई दिल्लीपद्म विभूषण के लिए चुनी गईं पहली महिला खिलाड़ी एमसी ने रविवार को कहा कि वह तोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर ‘भारत रत्न’ बनना चाहती हैं। छह बार की विश्व चैम्पियन मुक्केबाज मेरी कॉम ने कहा, ‘भारत रत्न हासिल करना सपना है। इस पुरस्कार (पद्म विभूषण) से मुझे और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी ताकि मैं भारत रत्न बन सकूं।’ उन्होंने कहा, ‘ ही एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्हें इस पुरस्कार से नवाजा गया है और मैं भी इसे हासिल करना चाहती हूं और ऐसा करने वाली पहली महिला बनना चाहती हूं। मैं तेंडुलकर की राह पर चलना चाहती हूं और मुझे उनसे प्रेरणा मिलती है।’ लक्ष्य- ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ करना छत्तीस साल की मेरी कॉम ने हालांकि कहा कि उनका लक्ष्य पहले ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ करना है और फिर वह ‘पदक के रंग’ के बारे में सोचेंगी। उन्होंने कहा, ‘मेरा अभी लक्ष्य ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ करना है और फिर मैं पदक के रंग के बारे में सोचूंगी। अगर मैं क्वॉलिफाइ कर लेती हूं और तोक्यो में स्वर्ण पदक जीत लेती हूं तो मैं भारत रत्न हासिल करने की उम्मीद कर सकती हूं। भारत रत्न से नवाजा जाना सिर्फ एक खिलाड़ी के लिए ही नहीं बल्कि किसी भी भारतीय की उपलब्धियों का शीर्ष सम्मान है।’ कब मिला क्या सम्मान भारत रत्न देश का सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान है। मणिपुर की इस मुक्केबाज को 2013 में पद्म भूषण और 2006 में पद्म श्री से नवाजा गया था। वह पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने वाली पहली महिला और चौथी खिलाड़ी हैं। महान शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद, पर्वतारोही एडमंडल हिलेरी और महान क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर सभी को 2008 में यह पुरस्कार दिया गया था। तेंडुलकर को 2014 में भारत रत्न से नवाजा गया था। सिर्फ ओलिंपिक गोल्ड बाकी यह पूछने पर कि भारत की महान महिला खिलाड़ी होने से वह कैसा महसूस करती हैं तो उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैंने देश को कई दफा गौरवान्वित किया है और सिर्फ ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतना ही बचा है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं देश के लिए चमकना चाहती हूं। तोक्यो मेरा अंतिम ओलिंपिक होगा। मैं नहीं जानती कि वे (भारतीय मुक्केबाजी महासंघ) मुझे अगले ओलिंपिक (2024) में 40 साल की उम्र में मुझे भाग लेने की अनुमति देंगे या नहीं इसलिए यह सचमुच मेरे लिए अहम है। मैं ओलिंपिक में अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहती हूं।’ पद्म पुरस्कार देश को समर्पित मेरी कॉम ने कहा, ‘मैं इस पुरस्कार को देश के लोगों को समर्पित करना चाहती हूं और पद्म पुरस्कार हासिल करने वाली अन्य विजेताओं जैसे पीवी सिंधू और रानी रामपाल को मेरी यही सलाह होगी कि उन्हें इससे प्रेरित होना चाहिए और इससे बड़ा सम्मान हासिल करने का सपना देखना चाहिए।’ चीन में कोरोनावायरस के कारण ओलिंपिक मुक्केबाजी क्वॉलिफाइंग टूर्नमेंट को वुहान के बजाय जोर्डन के अम्मान में तीन से 11 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के मुक्केबाजों को अब ट्रेनिंग कार्यक्रम में कुछ मामूली बदलाव करना होगा। बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने मेरी कॉम को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘मेरी कॉम को पद्म विभूषण से नवाजे जाने के लिए बधाई देना चाहूंगा। वह देश के युवा लड़कों और लड़कियों के लिए ही प्रेरणास्रोत नहीं हैं बल्कि हम सभी के लिए भी हैं। मुक्केबाजी में उनका योगदान अद्वितीय है।’
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