राजकोट सलामी बल्लेबाज के रूप में बल्लेबाजी करते हुए सबसे अधिक सहज महसूस करने वाले ने मध्यक्रम में सफल होने के लिए वर्तमान समय के दिग्गज विराट कोहली से लगातार बातचीत करने के अलावा और के विडियो देखकर खुद को चुनौती के लिए तैयार किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार को दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में राहुल ने पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 52 गेंदों पर 80 रन की पारी खेली जिससे भारत छह विकेट पर 340 रन का स्कोर बनाने में सफल रहा और उसने यह मैच 36 रन से जीता। इसे भी पढ़ें- राहुल ने पहले वनडे में कप्तान कोहली की जगह नंबर तीन पर बल्लेबाजी की थी तथा 61 गेंदों पर 47 रन बनाए थे। राहुल ने दूसरे वनडे के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे नहीं लगता है कि तकनीकी तौर पर मैंने अलग तरह से अभ्यास किया। मैंने केवल मध्यक्रम के बल्लेबाजों से बहुत अधिक बातचीत की तथा ढेर सारे विडियो देखे। मैंने विराट (कोहली) से काफी बात की तथा एबी (डि विलियर्स) और स्टीव स्मिथ के कई विडियो देखे कि कैसे वे अपनी पारी संवारते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने केन विलियमसन का अनुसरण करने की कोशिश की और उनके कुछ विडियो देखे और यह समझने की कोशिश की कि वह अपनी पारी को कैसे आगे बढ़ाते हैं और कुछ विशेष परिस्थितियों में कैसे खेलते हैं। मैं इस चीज को समझने की कोशिश कर रहा हूं कि मैं कुछ विशेष परिस्थितियों में कैसे बेहतर खेल सकता हूं।’ इस 27 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा कि बल्लेबाजी क्रम में विभिन्न स्थानों पर खेलने से खेल की उनकी समझ बेहतर हो गयी है। वह अब तक 17 बार सलामी बल्लेबाज, तीन बार तीसरे नंबर, चार बार चौथे नंबर, दो बार पांचवें और एक बार छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे हैं। इससे पहले आखिरी बार वह अगस्त 2017 में श्रीलंका के खिलाफ नंबर पांच पर उतरे थे और तब उन्होंने सात रन बनाए थे। राहुल ने कहा, ‘यह बड़ी चुनौती है। मैं अच्छी फार्म में हूं और अपने कौशल पर मुझे पूरा विश्वास है इसलिए हर मैच में नई जिम्मेदारी और नई भूमिका भी किसी वरदान से कम नहीं है, बहुत कम बल्लेबाजों को ऐसा मौका मिलता है। मैं इसे इसी तरह से देखता हूं और मैं अपनी बल्लेबाजी का लुत्फ उठा रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा बल्लेबाजी का आगाज करता रहा हूं तो उस स्थिति में मैं खुद को सबसे अधिक सहज महसूस करता हूं। मैं जानता हूं कि पारी को कैसे आगे बढ़ाना है लेकिन जब मुझे तीन, चार या पांच नंबर पर उतरना पड़ता है तो मुझे स्वयं के बारे में, अपनी बल्लेबाजी और एक कला के रूप में बल्लेबाजी के बारे में काफी कुछ सीखने को मिलता है।’ इस बीच राहुल को पिछले दो वनडे में विकेटकीपर की भूमिका भी निभानी पड़ी। राहुल अंडर-19 विश्व कप में विकेटकीपिंग कर चुके हैं। वह कर्नाटक के लिए और इंडियन प्रीमियर लीग में भी यह भूमिका निभा चुके हैं। नियमित विकेटकीपर ऋषभ पंत के चोटिल होने के बाद राहुल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने कहा, ‘यह एक चुनौती है। यहां तक कि मैं कुछ अवसरों पर कुलदीप (यादव) और (रविंद्र) जडेजा की गेंदों की गति को नहीं समझ पाता। मुझे अपनी प्रथम श्रेणी टीम के साथ इस तरह की गेंदबाजी का सामना नहीं करना पड़ा था। मुझे जो भी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है मैं केवल उसका आनंद उठा रहा हूं और अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास कर रहा हूं।’
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