सबी हुसैन, नई दिल्लीदिग्गज क्रिकेटर रहे और शतरंज के बादशाह कहे जाने वाले को केंद्र की मोदी सरकार ने खेल से जुड़ी समिति से बाहर कर दिया है। मोदी सरकार ने दोनों दिग्गजों को दिसंबर 2015 में गठित की गई ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ स्पोर्ट्स से बाहर किया है। केंद्र सरकार को देश में खेल के विकास से जुड़े मामलों पर सलाह देने के लिए इस परिषद का गठन किया गया था। नए सदस्यों के तौर पर क्रिकेटर हरभजन सिंह और के. श्रीकांत को जगह दी गई है। तत्कालीन खेल मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दिसंबर 2015 में इसका गठन किया था। दिसंबर 2015 से मई 2019 तक कमिटी के पहले कार्यकाल में सचिन तेंडुलकर को राज्यसभा सांसद और आनंद को प्लेयर के तौर पर जगह दी गई थी। 'बैठकों में न आने के चलते हटाए गए सचिन और आनंद' अब कमिटी में सदस्यों की संख्या को भी घटाकर 27 की बजाय 18 कर दिया गया है। सचिन और आनंद के अलावा बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद और पूर्व फुटबॉल कप्चान बाइचुंग भूटिया को भी बाहर कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक कमिटी की मीटिंगों में सचिन और आनंद के न पहुंचने के चलते यह फैसला लिया गया। गोपीचंद भी हुए कमिटी से बाहर गोपीचंद को कमिटी से हटाने के पीछे उनकी व्यस्तता को कारण बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि गोपीचंद तोक्यो ओलिंपिक की तैयारियों में व्यस्त हैं, जिसके चलते उन्हें कमिटी में शामिल नहीं किया गया है। कमिटी में ये नए सदस्य हुए शामिल खेल मामलों की इस समिति में नए सदस्यों के तौर पर तीरंदाज लिम्बा राम, पी.टी ऊषा, बछेंद्री पाल, पैरालिंपिक दीपा मलिक, शूटर अंजलि भागवत, रेनेडी सिंह और पहलवान योगेश्वर दत्त को शामिल किया गया है।
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