कराचीपाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने शोएब अख्तर के बयान से किनारा करते हुए कहा कि वह वह इस आरोप के लिए जवाबदेह नहीं है। अख्तर ने कहा था कि उनके पूर्व साथी दानिश कानेरिया को हिन्दू होने के कारण अन्य खिलाड़ियों से भेदभाव झेलना पड़ता था। अख्तर ने यह कहकर बवाल पैदा कर दिया कि कनेरिया का कुछ खिलाड़ियों ने अपमान किया क्योंकि वह हिन्दू था। इस वजह से उन्हें जरूरी श्रेय नहीं मिला और कुछ खिलाड़ी तो उसके धर्म के कारण उसके साथ खाना नहीं खाते थे। शोएब अख्तर ने किया था खुलासा कनेरिया ने भी अख्तर के बयान पर सहमति जताई और कहा कि वह जल्द ही उन खिलाड़ियों के नामों का खुलासा करेंगे जिन्होंने उनके धर्म के कारण उनके साथ गलत व्यवहार किया। यह पूर्व स्पिनर 2012 से स्पॉट फिक्सिंग के कारण आजीवन प्रतिबंध झेल रहा है। पढ़ें- बोर्ड की यह दलील पीसीबी के प्रवक्ता ने कहा, ‘अख्तर और कनेरिया दोनों संन्यास ले चुके हैं और हमसे अनुबंधित नहीं हैं इसलिए वह जो चाहे कर सकते हैं और कह सकते हैं। यह उनके विचार हैं। और उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट की पूरी व्यवस्था के खिलाफ नहीं बल्कि कुछ खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर आरोप लगाए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘जब कनेरिया खेल रहा था तब इंजमाम उल हक, राशिद लतीफ, यूनिस खान और मोहम्मद यूसुफ पाकिस्तान के कप्तान रहे। अख्तर और कनेरिया ने जो कुछ कहा, इस पर उन्हें जवाब देना चाहिए। इसमें बोर्ड को क्यों शामिल होना चाहिए।’ पढ़ें- कासिम और मोहसिन का समर्थन मिला अख्तर और कनेरिया को पूर्व टेस्ट खिलाड़ी इकबाल कासिम और मोहसिन खान का समर्थन मिला है। पूर्व टेस्ट सलामी बल्लेबाज ने मोहसिन खान ने कहा, ‘एक खिलाड़ी का आकलन उसके धर्म, रंग या जाति से नहीं बल्कि उसके क्रिकेट कौशल और टीम के प्रति प्रतिबद्धता से किया जाना चाहिए।’
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