नई दिल्लीवेस्ट इंडीज के महान बल्लेबाज ने कहा कि मौजूदा दौर में भारत क्रिकेट का पावरहाउस है जहां हर क्रिकेटर होना चाहता है। भारत दौरे पर आए लारा से सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुलाकात की। इस दौरान लारा ने उन्हें एक बैट भी गिफ्ट किया। दुनिया के पूर्व नंबर-1 बल्लेबाज लारा ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से खास बातचीत के दौरान कहा, 'हम सभी ने इंग्लैंड से क्रिकेट के खेल को सीखा है लेकिन यदि आप फिलहाल क्रिकेट में पावरहाउस की बात करें तो भारत ही वह देश है जो इस खेल को उस दिशा में आगे ले जा रहा है जिससे सभी का भला हो। मुझे भरोसा है कि प्रशासन, दर्शक, सपॉर्ट और स्पॉन्सरशिप के मामले में भारत की सेंटर है जहां क्रिकेटर होना चाहते हैं।' पढ़ें, 14 साल की उम्र में पहली बार आए भारतउन्होंने साथ ही बताया कि जब वह 14 साल के थे, तब पहली बार भारत आए थे। उन्होंने कहा, 'मैं केवल 14 साल का था, जब मैंने त्रिनिदाद ऐंड टॉबेगो से स्कूल की एक टीम बनाई और भारत आया। तब हम बड़ौदा, अहमदाबाद, त्रिवेंद्रम, पुणे और कुछ अन्य शहरों में गए।' फ्लाइट में देरी के कारण भारत में मनाना पड़ा क्रिसमसलारा ने साथ ही बताया कि तब फ्लाइट देरी से होने के कारण वह घर पर क्रिसमस नहीं मना पाए थे। उन्होंने कहा, 'तब सबसे खराब बात यह रही कि मैं अपने घर पर क्रिसमस नहीं मना पाया था। 25 दिसंबर को हम एयरपोर्ट पर थे और हमारी फ्लाइट में देर हो गई थी।' 35 साल में बदला बहुत कुछलारा ने कहा कि तब से अब तक काफी कुछ बदल चुका है। उन्होंने कहा, 'काफी लोग बात करते हैं कि क्रिकेट का स्तर गिरा है। वे (पुराने क्रिकेटर) कहते हैं कि आज के क्रिकेट दौर में काफी अंतर आ चुका है लेकिन मुझे लगता है कि सुधार भी काफी स्तर पर हुआ है।' भारत की गेंदबाजी में लगातार सुधारलारा ने कहा कि भारतीय गेंदबाजी में लगातार सुधारा आया है। उन्होंने कहा, 'भारतीय तेज गेंदबाजी में काफी सुधार आया है, मैंने आज के जैसा भारत का फास्ट बोलिंग अटैक नहीं देखा। आपको उन्हें श्रेय देना होगा।' हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि इसकी तुलना 80 और 90 के दशक वाले विंडीज टीम के पेस अटैक से करना मूर्खता होगी। उन्होंने साथ ही कहा 90 के दशक में ग्लेन मैकग्रा, जेसन गिलेस्पी, ब्रेट ली और शेन वॉर्न के रहते जो ऑस्ट्रेलियाई टीम थी, वह भी काफी खतरनाक थी।
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