कराची पाकिस्तान के पूर्व कप्तान ने कहा कि बीसीसीबाई अध्यक्ष द्वारा प्रस्तावित चार देशों के टूर्नमेंट का विचार उसी तरह से ‘असफल’ साबित होगा जैसे ‘बिग थ्री (क्रिकेट खेलने वाले बड़े देश) मॉडल’ हुआ था। इस पूर्व विकेटकीपर को लगता है कि इससे भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें अन्य सदस्य राष्ट्रों को अलग करने की कोशिश कर रही हैं। लतीफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘इस तरह का टूर्नमेंट खेलकर ये चार देश दूसरे सदस्य देशों को अलग करने की कोशिश कर रहे हैं जो अच्छा विचार नहीं है। मुझे हालांकि लगता है कि यह उसी तरह से फ्लॉप होगा जैसे कुछ वर्ष पूर्व लाए गए बिग थ्री मॉडल के साथ हुआ था।’ पिछले सप्ताह गांगुली ने कहा था कि क्रिकेट के बड़े देशों के बीच 2021 तक चार देशों की टूर्नमेंट करने की योजना पर काम हो रहा है। इसके बारे में इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से चर्चा हो रही है। गांगुली ने कोलकाता में कहा था, ‘इस सुपर सीरीज की शुरुआत 2021 में होगी जिसमें भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया- के अलावा एक और टीम हिस्सा लेगी। इसका पहला संस्करण भारत में खेला जाएगा।’ इस टूर्नमेंट को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को हर साल एक बड़े टूर्नमेंट की मेजबानी करने के जवाब में ‘बिग थ्री’ के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। ईसीबी ने एक बयान में कहा था कि वे इस पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘हम क्रिकेट खेलने वाले अन्य बड़े देशों के अधिकारियों से नियमित रूप से मिलते हैं जिससे कि हमने जो सीखा है उसे साझा किया जा सके और हमारे खेल को प्रभावित करने वाले विषयों पर चर्चा की जा सके। दिसंबर में बीसीसीआई के साथ हुई बैठक में चार देशों के टूर्नामेंट का मुद्दा उठा था और हमने आईसीसी के अन्य सदस्यों के साथ चर्चा का विकल्प खुला रखा है जिससे कि देखा जा सके कि इस कल्पना को साकार किया जा सकता है या नहीं।’ गांगुली के अलावा बीसीसीआई के सचिव जय शाह और कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने इस महीने की शुरुआत में ईसीबी के अधिकारियों से मुलाकात कर इस विचार पर चर्चा की थी। इसमें ईसीबी के अध्यक्ष कोलिन ग्रेव्स भी शामिल हुए थे।
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